Importance of shiv tandav and shiv Mahimn stotra

 शिव तांडव स्तोत्र और शिव महिम्न स्तोत्र में से कौन ज्यादा श्रेष्ठ है।




क्या कभी एक दवा सभी रोगोंके लिए कारगर साबित होते है या नहीं? आपका उत्तर होगा नहीं।


तो ठीक उसी तरह ये दोनों स्तोत्र कि अपनी महत्ता है।


  1. शिव महिम्न स्तोत्र मे महादेव शिव कि महिमा गाई गई है। हम किसी कि महिमा कब गाते है, जब हम उनसे बहुत प्रेम करते है या फिर उनकी कृपा को पाकर अत्यंत ही गदगद ही उठते है। तो यह स्तोत्र हमे हमारे महादेव के प्रति प्रेम कि अभिव्यक्ति को दर्शाता है।
  2. शिव तांडव स्तोत्र अपने आप में एक बहुत ही तीव्र प्रभावकारी स्तोत्र है इसकी रचना स्वयं प्रकांड विद्वान ब्राह्मण " रावण" के द्वारा कि गई थी। इसका उपयोग हम अपनी विपत्ति काल में ही करे क्यूंकि ये एक अत्यंत उग्र स्तोत्र है। जो किसी भी कष्ट से हमे छुटकारा दिला सकता है।
  3. अब आप ये समझ लेना कि शिव तांडव स्तोत्र ही श्रेष्ठ है नहीं दोनों कि अपनी श्रेष्ठता है एक मधुर प्रेम मे गाया जाता हैं तो एक विपत्ति काल में।

स्मरण रखे महादेव के तांडव भी दो प्रकार के है एक लस्य और दूसरा प्रलय तांडव एक खुशी मे किया जाता है तो एक विनाश मे। दोनों का अपना अलग महत्व है।

ऐसे जानकारियों को प्राप्त करने के लिए आप हमारे ब्लॉग पर स्वागत है।


धन्यवाद।।।।


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